Indian Festival

 तीज पर निबंध | कजरी तीज के व्रत की विधि | तीज त्यौहार का उत्सव

भारतीय तीज का महत्व: भारत में तीज का त्यौहार भाद्रपद्र मास कृष्ण तृतीया को  मनाया जाता है | यह त्यौहार साल में तीन बार आता है |जिसमे हरतालिका तीज , हरियाली तीज और कजरी तीज का पर्व सुहागिन महिलोओं दुवरा मनाया जाता है |

तीज त्यौहार का उत्सव :- यह त्यौहार बड़े ही उत्साह का साथ साथ ही यह त्यौहार औरते और लड़कियों सभी तीज मनाती है इस त्यौहार के दिन औरते अपने पति की लबीं उम्र की दुआ करती है  लड़किया इस दिन तीज माता से अच्छे  वर का आशीर्वाद मांगती है|तीज के दिन झूलो का आनद लेती है और नाचती गाती है इस त्यौहार को झूलो पर औरते और लड़कियाँ उत्साह के साथ तीज का त्यौहार मनाती है|

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  • कजरी तीज के व्रत की विधि :- तीज के दिन महिलाये और लड़कियाँ इस दिन व्रत करती है यह व्रत निजला होता है तीज के दिन महिलाये और लड़कियाँ न ही कुछ खाती और ना ही कुछ पीती है इस गो माता की पूजा की जाती है शाम हो जाने पर सभी महिलाये और लड़किया एक साथ मिलकर कजरी माता के गीते गाती है| उसके बाद में सभी एक साथ मिलकर वहा पर नीमड़ी की पूजा पाठ करती है| उसके बाद में छोटा सा तालब बनाकर तालब के पास में एक नीमड़ी की टहनी लगा देती है  उस तालब में दूध और पानी डाले है फिर निमड़ी माता की पूजा करते है तालब के पास में एक घी का दीपक जलाकर उसमे  फल ,सतु ,नारियल आदि देखकर उसका अनुभव किया  जाता  हैफिर कजरी माता की कहानी सुनकर निमड़ी माता की हाथ जोड़कर  चद्रमा उगने के बाद अर्ध चढ़ा कर अपने पति पैर स्पर्श कर फिर व्रत खोलती है |

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