Indian Festival Republic Day

26 जनवरी राष्ट्रगीत स्पेश्ल 2022| 2022 के नए राष्ट्रीय गीत

26 जनवरी राष्ट्रगीत स्पेश्ल 2022 | 2022 के नए राष्ट्रीय गीत

26 जनवरी राष्ट्रगीत स्पेश्ल 2022 :– 26 जनवरी 2022 के नये राष्ट्रीयगीत, 2022के नये राष्ट्रीयगीत

 

यह तो हम सभी जानते हैं कि गणतंत्र दिवस को बड़े ही मनोरंजन और उत्साह के साथ मनाया जाता है और अंतर दिवस के दिन भारतीय नागरिकों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण भरा दिन रहता है इस दिन सभी स्कूलों कॉलेजो आदि के बच्चों द्वारा अलग अलग प्रस्तुति देकर इस दिल को और भी खास मनाया जाते हैं और विद्यालय के बच्चों द्वारा स्कूल यूनिफॉर्म में पीटी परेड आदि की प्रस्तुति गणतंत्र दिवस के दिन दी जाती है

और गणतंत्र दिवस को भारत के संविधान को लागू करने की खुशी में बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है और इस दिन संविधान को पूरे देश में लागू किया गया था आइए जाने की भारत के लोगों के मन में अपने देश के प्रति क्या भावना प्रस्तुत की जाती है और अपने देश भक्तों के लिए सबसे बड़ी कुर्बानी अपने देश के लिए होती है और अपने देश से बढ़कर कोई चीज नहीं होती हैं तो राष्ट्रीय गीत और देश भक्ति के गीत को कुछ इस प्रकार गये।

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26 जनवरी राष्ट्रगीत स्पेश्ल 2022 :- 

जाने गण मन अधिनायक जय हो
भारत भाग्य विधाता।26 जनवरी राष्ट्रगीत स्पेश्ल 2022 | 2022के नए राष्ट्रीय गीत
पंजाब सिंध गुजरात मराठा
द्राविड़ उत्कल बंग।
विंध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्छल जलधि तरंग
तव शुभ नामे जागे,,
तव शुभ आशीष मांगे,
गाहे तव जय गाथा।
जन गण मंगल दायक जय हे,
भारत भाग्य विधाता।
जय हे जय हे जय हे,
जय जय जय ,जय हे

आओ बच्चों तुम्हें सिखाएं झांकी हिंदुस्तान की

इस मिट्टी में तिलक करो यह धरती है बलिदान की
वंदे मातरम……..
उत्तर में रखवाली करता पर्वतराज विराट है
दक्षिण में चरणों को धोता सागर का सम्राट है
यमुना जी के तट में देखो गंगा का यह घाट है
बाट बाट पे हाट हाट मैं यहां निराला ठाट है
देखो यह तस्वीर अपने गौरव की अभिमान की,
इस मिट्टी से……
यह है अपना राजपूताना नाज जिसे तस्वीरों पे
इसलिए सारे जीवन काटा बरछी तीर कटारो पे
यह प्रताप का वतन पला है आज़ादी के नारों पे
कूद पड़ी थी या हजारों पद्मिनीया अंगारों पे
बोल रही है कण कण से कुर्बानी राजस्थान की
देखो मुल्क मराठों का यह या शिवाजी डोला था
मुगलों की ताकत को जिसने तलवारों पे तोला था
हर पावत पे आग लगी थी हर पत्थर शोला था
बोली हर-हर महादेव की बच्चा-बच्चा बोला था
यहां शिवाजी ने रखी थी लाज हमारी शान की
इस मिट्टी से ………
जलियांवाला बाग ये देखो यहां चली थी गोलियां
यह मत पूछो किसने खेली या खून की होलियां
एक तरफ बंदूके दन दन एक तरफ की टोलियां
मरने वाले बोल रहे थे इंकलाब की बोलियां
यहां लगा दी बहनों ने भी बाजी अपनी जान की
इस मिट्टी से………
यह देखो बंगाली यहां का हर चप्पा हरियाला है
यहां का बच्चा-बच्चा अपने देश पर मरने वाला है
ढाला है इसको बिजली ने भुचालो ने पाला है
मिट्टी में तूफान बंधा है प्राणों में ज्वाला है
जन्म भूमि है यह हमारे वीर सुभाष महान की
इस मिट्टी से…….

जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा

वह भारत देश है मेरा
जहां सत्य .अहिंसा और धर्म का पग पग लगता डेरा
वह भारत देश है मेरा
यह धरती वो जहां ऋषि मुनि जपते प्रभु नाम की माला
जाहर बालक एक मोहन है और राधा इक इक बाला
जा सूर्य सबसे पहले आ कर डाले अपना फेरा
वह भारत देश है मेरा….
जहां गंगा यमुना कृष्णा और कावेरी बहती जाए
जहां उत्तर दक्षिण पूर्व पश्चिम अमृत पिलवाये
कहीं यह फल और फूल उगाए केसर कहीं बिखेरा
वो भारत देश है मेरा…..
अलबेला इस धरती के त्यौहार भी है अलबेले
कहीं दिवाली की जगमग है, होली के कहीं मेले
यहां रंगारंग और हंसी खुशी का चारों और है घेरा
वो भारत देश है मेरा……
जहां आसमान की बातें करते मंदिर और शिवाले
किसी नगर में किसी द्वार पर कोई ताला डालें
और प्रेम की बंसी जो बजाते आए शाम सवेरे
वो भारत देश है मेरा…..

ए मेरे वतन के लोगों

ए मेरे वतन के लोगों
तुम खूब लगा लो नारा
यह शुभ दिन है हम सब का
लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर
वीरों ने है प्राण गंवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो
कुछ याद भी उन्हें भी कर लो
जो लौट के घर ना आए
जो लौट के घर ना आए

ए मेरे वतन के लोगों
जरा आंखों में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो कुर्बानी

जब घायल हुआ हिमालय
खतरे में पड़ी आजादी
जब तक थी सांस लड़े वो
फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर माथा
हो ग्रे अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं

जब देश में थी दीवाली
वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में
वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो अपने
थी धन्य वो जवानी
जो शहीद हुए है

कोई सिख कोई जाट मराठा
कोई गुरखा कोई मद्रासी
सरहद पर मरने वाला
हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पर्वत पर
वोखून था हिंदुस्तानी
जो शहीद हुए हैं

थी खून से लथपथ काया
फिर भी बंदूक उठाके
दस दस को एक ने मारा
फिर गिर गए होश गवा कर
जब अंत समय आया तो
कह गए के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों
अब हम तो सफ़र करते हैं
क्या लोग थे वो दीवाने
क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद हुए हैं

तुम भूल न जाओ उनको
इसलिए कहीं यह कहानी
जो शहीद हुए हैं

जय हिंद जय हिंद की सेना 2
जय हिंद ,जय हिंद ,जय हिंद

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