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2G Network क्या है , 2G Network Full Form

2G Network

जैसे कि आप सभी ने देखा ही होगा। कि कुछ सालों पहले आपको 2G Network मिलता था। उसके बाद मार्केट में 3G नेटवर्क आया, और अब आप 4G नेटवर्क यूज करते हैं। लेकिन आने वाले दिनों में आपको 5G नेटवर्क पर मिल सकता है। आज हम आपको 2G नेटवर्क के बारे में विस्तार से बताएंगे। जैसे-जैसे मानव सभ्यता बढ़ती गई वैसे-वैसे टेक्नोलॉजी की दुनिया में काफी बदलाव देखने को मिला। क्योंकि जब मनुष्य शिक्षित हुए और कुछ समझने लगे तब वह नई नई टेक्नोलॉजी का अविष्कार करने लगे। उसी बीच 1991 में 2G Network का आविष्कार हुआ। Network की दुनिया में दूसरे स्टेज पर जो पीढ़ी देखने को मिलती है। उसे ही 2G नेटवर्क का जाता है। जिस समय 2G नेटवर्क लॉन्च हुआ था। उस समय इस नेटवर्क की काफी अहमियत थी, और जरूरत भी।

2G Network क्या है:-  2G नाम से ही पता चलता है। कि यह किसी चीज की दूसरी जनरेशन है। अर्थात यह एक दूसरी पीढ़ी नेटवर्क की दुनिया में 2G Network को दूसरे स्टेज पर रखा जाता है, और इसे दूसरी पीढ़ी के नाम से जाना जाता है। यह 1G के मुकाबले काफी लाभदायक और मानव जीवन के लिए मददगार साबित हुआ था। 2G की शुरुआत 1991 में हुई थी। जो कि विश्व भर में काफी प्रचलित हुई थी। टेक्नोलॉजी की दुनिया में विकास तब देखने को मिला। जब 1G Network से 2G Network अपडेट हुआ। जब 2G नेटवर्क अपडेट हुआ। तो उसके बाद फोन में भी काफी बदलाव देखने को मिले। साथ ही इस टेक्नोलॉजी का खूब उपयोग लिया गया था।
2G Network की Full Form :- 2G Network की फुल फॉर्म Second Generation है। यह नेटवर्क की दुनिया में दूसरी पीढ़ी है इसीलिए इस Technology को 2G नाम दिया गया।

3G Network क्या हैं। 3G Full Form

2G Network के फिचर्स:- 
1.) 2G Network उपलब्ध हुआ तब उसने 1 दिन नेटवर्क को पिचरा दिया। क्योंकि 1G नेटवर्क में इतने फीचर्स उपलब्ध नहीं थे। लेकिन 2G नेटवर्क ने अपने लेटेस्ट पिक्चर्स के साथ इस टेक्नोलॉजी को लॉन्च किया था। जो कि काफी प्रचलित भी हुआ।
2.) 2G नेटवर्क टेक्नोलॉजी में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाई गई थी। इस टेक्नोलॉजी में इंटरनेट Type GSM था। और इसी मोड़ के आधार पर यह नेटवर्क काम करता था।
3.)  इस नेटवर्क टेक्नोलॉजी में आपको इंटरनेट की स्पीड 9.8 Kbps
4.) कुछ समय बाद इस टेक्नोलॉजी ने अपने इंटरनेट कनेक्टिविटी को अपग्रेड किया था। जिसमें नई कनेक्टिविटी लांच की जिसका नाम GPRS रखा गया। और इस कनेक्टिविटी में इंटरनेट की स्पीड 30-35 Kbps सेकंड थी।
2G Network में समस्याएं:-  यह Network क्षेत्र की दूसरी पीढ़ी थी। इसीलिए इस पीढ़ी को भी अच्छी तरीके से डिवेलप नहीं किया जा सका। इस कारण इस पीढ़ी के अंदर भी आपको कई प्रकार की समस्याएं देखने को मिलती थी।
1.) 2G Network का इस्तेमाल करने के लिए स्ट्रांग डिजिटल सिग्नल की जरूरत होती थी। इसके बिना 2G नेटवर्क का इस्तेमाल करना मुश्किल था।
2.) इस टेक्नोलॉजी में नेटवर्क सिग्नल कम होने के कारण कॉल ड्रॉप होने जैसे समस्या भी उत्पन्न होती थी।
3.) 2G Network टेक्नोलॉजी में इंटरनेट स्पीड बहुत कम थी। जिसकी वजह से डाउनलोड करने में काफी समस्याएं उत्पन्न होती थी।

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