Kya khana Chihiye

बवासीर रोगी का आहार : बवासीर में किन भोज्य पदार्थों  को खाना चाहिए ?

बवासीर रोगी का आहार

बवासीर रोगी का आहार : दोस्तों आज के आर्टिकल में हम आपको बवासीर ओगी के आहार के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें

बवासीर रोगी का आहार : बवासीर में किन भोज्य पदार्थों  को खाना चाहिए ?

1) बाबासीर से पीड़ित व्यक्ति को धूम्रपान एवं मदिरापान से दूरी बना लेनी चाहिए  ।मदिरापान करने से बवासीर रोगी के जठरांत्र की दीवार  को हानि पहुंचती है ।साथ ही शराब के अति सेवन से शरीर में निर्जलीकरण की समस्या खड़ी हो जाती है ।फलतः व्यक्ति  कब्ज की समस्या से ग्रसित हो जाता है ।धूम्रपान के सेवन से रोगी को बवासीर के निकट गुदा  में रक्तस्राव की बढ़ोतरी होती है।

2) बवासीर रोगी को कुछ मसालों को पूरी तरह से  त्याग करना ही बेहतर विकल्प  है ।जैसे कि लाल मिर्च ,काली मिर्च एवं मसालों से युक्त भोज्य पदार्थों को आहार में लेने से बवासीर की समस्या स्वतः आमंत्रण देने के समान है ।भोजन को बनाते समय इस बात का भी स्मरण रखें, कि भोजन में कम से कम तेल का प्रयोग करें।

3) बवासीर रोगी को चाय एवं कॉफी का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए। चाय एवं कॉफी पेय पदार्थ के सेवन से शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे रोगिको  कब्ज की समस्या खड़ी हो जाती  हैं। इसके अतिरिक्त रोगी को कैफीन से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। यह आंत में सूजन होने का कारण सिद्ध होते हैं।

4) बेकरी में उपलब्ध खाद्य पदार्थों को पूर्ण रूप से  पहरेज करना काफी सफल उपाय  है। बवासीर से ग्रसित रोगी के लिए बेकरी से प्राप्त खाद्य पदार्थ कब्ज बढ़ाने में का काम करते हैं।  जैसे ब्रेड ,केक इत्यादि में रिफाइन तेल का उपयोग होता है। जो बवासीर रोगी की पीड़ा को बढ़ा देते हैं।

5) रोगी को प्रोटीन से युक्त खाद्य पदार्थों जैसे विभिन्न प्रकार के दाल विशेषकर मसूर की दाल ,अरहर की दाल का सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए। दालो के अधिक सेवन से पाचन तंत्र की पाचन शक्ति क्षीण हो जाती है ।जिससे कब्ज की समस्या बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त इन खाद्य पदार्थों के सेवन से आंत में जलन की समस्या बढ़ जाती है । इतना ही नहीं यह गुदा में सूजन बढ़ाने के साथ ही मल त्याग में भी परेशानी होती है।

यह भी पढ़ें :- एड्स रोगी का आहार : एड्स के रोगी को क्या खाना चाहिए ?

बवासीर रोगी को किन चीजों को खाने से बचना चाहिए ?

1) बवासीर के रोगी को हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए।इसमें आवश्यक पोषक तत्व एंटीऑक्सीडेंट पदार्थ प्रचुर मात्रा में होते हैं ।यह बवासीर रोगी  की पाचन क्रिया में गतिशीलता प्रदान करते हैं। सब्जियों के सेवन में  व्यक्ति को सर्वाधिक रूप से पालक, पत्तागोभी ,ब्रोकली फूल गोभी ,प्याज की एवं गाजर को शामिल करें ,और बाबासीर जैसे रोगों से अतिशीघ्र निजात पाएं।

2) बवासीर के रोगी के लिए ईसबगोल   की भूसी रामबाण साबित होती है ।क्योंकि इसमें अत्यधिक घुलनशील फाइबर पाए जाते हैं ,जो कब्ज को ठीक करने में कारगर साबित होते हैं।

3) बवासीर के रोगी को सर्वाधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए। सामान्य व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 3 से 4 गिलास पानी पीना चाहिए। इससे शरीर के विषैले पदार्थ स्वतः ही आसानी से निकल जाते हैं। इसके अतिरिक्त रक्त प्रवाह बढ़ता है, इतना ही नहीं पानी की अधिक पीने से मल त्यागना सहज हो जाता है ।साथ ही कब्ज की समस्या की कोई गुंजाइश नहीं होती है।

4) एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में फलों की बहुत अहम भूमिका होती है ,क्योंकि फलों में विभिन्न प्रकार की पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जैसे कि विटामिन एवं खनिज दोनों ही व्यक्ति की पाचन शक्ति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फलों के व्यक्ति को सेवन में स्ट्रॉबेरी, अंगूर, केला इत्यादि  का भरपूर सेवन करे ।

5) बवासीर के रोगी के लिए साबुत अनाज एवं चोकर से युक्त अनाज  काफी हद तक  बवासीर की समस्या नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। साबुत और चोकर वाले अनाज को खाने से मल का त्याग करना सहज हो जाता है ।कुछ ऐसे अनाजों में ब्राउन राइस ,ओटमील शामिल है।

6) बवासीर के रोगी को अंकुरित अनाज का सेवन सर्वाधिक करना चाहिए अंकुरित चने में विटामिन सी ,प्रोटीन के साथ कैल्शियम के तत्व विद्यमान होते हैं। यह सभी तत्व शरीर के पोषक का कार्य करते हैं ।एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन एक कप अंकुरित अनाज का सेवन करना चाहिए, परंतु स्मरण रखने योग्य बात यह है, कि कच्चे अंकुरित अनाज का सेवन ना करें, इससे बवासीर की समस्या को बढ़ावा मिलता है।

7) बवासीर के रोगी को इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए दही या छाछ का प्रतिदिन सेवन करना चाहिए। यह बहुत ही कारगर साबित होता है यह पाचन तंत्र क्रिया में  काफी सहायक होता है ।इससे व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है, साथ ही यह शरीर में सूजन को ठीक करने में भी मददगार होता है ।यह व्यक्ति के शरीर में संक्रमण से लड़ने में भी सहायक होते हैं।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page