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Chikungunya Virus- चिकनगुनिया बुखार के लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

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चिकनगुनिया से प्रभावी के प्रभावी इलाज , चिकनगुनिया से बचने के लिए कुछ  कारगर उपाय , मानव शरीर पर चिकनगुनिया के अन्य दुष्प्रभाव , चिकनगुनिया के लक्षण , Chikungunya Virus Symptoms, Diagnosis, & Treatment , चिकनगुनिया बुखार के लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

Chikungunya Virus Kya :- चिकनगुनिया वायरस के द्वारा उत्पन्न बीमारी है ,यह मुख्य रूप से मच्छरों के अतिक्रमण के द्वारा होती है ,व्यक्ति को ऋतु परिवर्तन के दौरान मच्छरों से स्वयं को बचाना बहुत ही आवश्यक है। यह एक प्रकार का मादा एंडीज इजिप्टी मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी है। यह मच्छर स्वच्छ पानी में पनपते हैं। यह सुबह और शाम के समय ज्यादा सक्रिय होते हैं।खास बात यह है ,कि यह कोई संक्रमित बीमारी नहीं है ,परंतु इसके संक्रमण की स्थिति तब उत्पन्न होती है ,जब किसी स्वास्थ्य इस प्रजाति के मच्छर किसी व्यक्ति को काट ले ,तो वह इसके चपेट में आ जाता है । यह वायरस रोगी को सबसे अधिक हड्डियों पर प्रभाव डालता है ।परिणामस्वरूप व्यक्ति को जोड़ों की समस्या एवं हाथ से छुटपुट काम करने में भी भारी परेशानी होने लगती है, यही नहीं व्यक्ति के स्वस्थ होने के उपरांत भी हड्डियों में दर्द बना रहता है इसे पूर्णतया ठीक होने में कई माह भी लग जाते हैं। सर्वप्रथम इस बीमारी का उदय सन 1950 में तंजानिया में उभर कर आया, धीरे-धीरे सभी देशों में पैर पसारना शुरू कर दिए।

    2005 के बाद यह बीमारी ने भारत के साथ-साथ इंडोनेशिया ,मालदीव एवं  म्यांमार और थाईलैंड में भी दस्तक देना शुरू किया। आंकड़ों की मानें तो अब तक 1.4 मिलियन से अधिक लोग चिकनगुनिया के शिकार हो चुके हैं।

चिकनगुनिया के लक्षण:- 

1)शुरुआती तौर पर रोगी को तेज बुखार आता है । ज्वर का तापमान 102 से 104 तक पहुंच जाता है, यह 1 सप्ताह से अधिक दिन तक भी  ठहर सकता है।

2)व्यक्ति के जोड़ों में दर्द की शिकायत होती है ,कुछ समय उपरांत दर्द के साथ-साथ सूजन भी उभर कर आती है।

3)अक्सर देखा गया है, कि रोगी के शरीर में चकत्ते पड़ जाते हैं ,परंतु यह सभी के साथ हो यह अवश्यक नहीं।

4)व्यक्ति को सिर दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव एवं पीड़ा के साथ -साथ चक्कर आना एवं दस्त की शिकायत होती है।

मानव शरीर पर चिकनगुनिया के अन्य दुष्प्रभाव –

1) व्यक्ति की आंखों में ,कार्निया में सूजन की शिकायत होती है

2)रोगी की मांसपेशियों में दर्द विशेष तौर पर दिल की मांसपेशियों में सूजन के कारण होता है।

3)जिगर में सूजन आ जाती है

4)किडनी के रोगी को गुर्दे में सूजन की शिकायत होती है

5)रीड की हड्डी में सूजन पाई जाती है।

चिकनगुनिया से बचने के लिए कुछ  कारगर उपाय:- 

1)आहार में रोगी को विटामिन सी  अधिक से अधिक ले  यह शरीर में हुई कमी कि क्षतिपूर्ति करने में सहायक होता है।

2)बाहर के खाद्य पदार्थों से बचें , ज्यादा तेल एवं मसालेदार भोजन खाने से परहेज करें।

3)व्यक्ति को सब्जियों सूप और नारियल का पानी का सेवन करना चाहिए इस शरीर को बल मिलता है।

4)बर्फ के टुकड़ों को तौलिए पर रखकर, उसे लपेट दें एवं जोड़ों पर रखें फिर धीरे-धीरे हाथों से दबाए, यह दर्द निवारक सिद्ध होता है।

5)मच्छरों को मारने के लिए स्प्रे का अनुप्रयोग करें।

6)शरीर को पूरे कपड़े से ढक लेना चाहिए, मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए  मच्छरदानी का प्रयोग करे ।

7)अपने आस पास साफ सफाई विशेष रूप से ध्यान रखे ।

चिकनगुनिया से प्रभावी के प्रभावी इलाज:- 

1.) व्यक्ति को सर्वप्रथम अपनी ब्लड की जांच करानी चाहिए।

2,)डॉक्टर की सलाह लेकर ही दवा ले।

3)घर पर रहकर पूर्ण रूप से आराम करें।

4)अधिक से अधिक पानी पिए क्योंकि चिकनगुनिया की चपेट में आते ही व्यक्ति को निर्जलीकरण की शिकायत होती है।

5)अगर आप अन्य बीमारियों से ग्रसित हो तो उसे डॉक्टर को बताएं ,उसके बाद चिकनगुनिया से संबंधित दवा ले।

6) लक्षणों के आधार पर दर्द को कम करने के लिए कुछ दर्द निवारक दवाएं दी जाती है उसमें पैरासिटामोल ,ट्रेमाडोल दवाएं है ।

 

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