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कोरोना वायरस का ट्रीटमेंट

कोरोना वायरस का ट्रीटमेंट

कोरोना वायरस (COVID-19) के शुरूआती लक्षण, बचाव कैसे करें, कोरोना वायरस के बारें में पाए पूरी जानकारी,कोरोना वायरस का पता चलने पर क्या करें ,कोरोना वायरस से आप अपनी रक्षा कैसे करें , महीने में कोरोना का इलाज ढूंढ, क्या गर्मी बढ़ने से खत्म हो जाएगा कोरोना, कोरोना वायरस क्या गर्मी से मर जाता है, क्या गर्म मौसम में कम होगा,

क्या है कोरोना वायरस:- कोरोना वायरस का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है|

कोरोना वायरस कैसे फैलता है , corona virus kaise failta hai

कोरोना वायरस का ट्रीटमेंट :-
कोरोना के किलर वायरस से जूझ रही दुनिया के लिए एक अच्‍छी खबर है चीन के बाद अब आस्‍ट्रेलिया की एक प्रतिष्ठित लैब ने कोरोना वायरस की दवा तैयार की है दो दवाओं को मिलाकर बनाई गई इस दवा के उत्‍साहजनक परिणाम आने के बाद उनका इंसानों पर परीक्षण शुरू कर दिया गया है ये दोनों ही दवाएं पहले एड्स और मलेरिया के इलाज में इस्‍तेमाल की जाती थीं।
* इन दवाओं ने लैब में कोरोना के वायरस का खात्‍मा कर दिया है। माना जा रहा है कि इस महीने के आखिर तक इन दवाओं का कोरोना मरीजों पर परीक्षण शुरू हो जाएगा। इस पूरे परीक्षण के लिए दुनियाभर से दानदाताओं ने पैसा दिया है। क्‍वीन्‍सलैंड यूनिवर्सिटी के क्लिनिकल र‍िसर्च सेंटर के डायरेक्‍टर डेविड पीटर्सन ने कहा, ‘इन दवाओं से पहले ही आस्‍ट्रेलिया में मरीजों का इलाज किया गया है और परिणाम सफलतापूर्ण रहे हैं। हालांकि ये नियंत्रित और तुलनात्‍मक तरीके से किया गया है।

दवा का बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल :-
पीटर्सन ने कहा, ‘हम पूरे आस्‍ट्रेलिया में इस समय बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल करना चाहते हैं जो 50 हॉस्पिटल में होगा। हम यह देखेंगे एक दवा बनाम दूसरी दवा बनाम दोनों दवा को साथ देने पर क्‍या असर आ रहा है।’ इस बीच स्‍टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को कहा कि मलेरिया के इस्‍तेमाल में पहले दी जानी वाली दवा क्‍लोरोक्विन के चीन और सिंगापुर में अच्‍छे नतीजे सामने आए हैं।
* इस बात के भी सबूत सामने आए हैं कि एड्स होने पर दी जाने वाली दवा के भी चीन में अच्‍छे परिणाम रहे हैं। हालांकि चीन ने इस परीक्षण का डेटा उपलब्‍ध नहीं कराए हैं। हालांकि क्‍लोरोक्विन से 12 हजार मरीजों के चीन में ठीक होने के दावे को खारिज कर दिया गया है। पीटर्सन ने कहा कि प्रयोगशाला में हुए परीक्षण में इन दोनों दवाओं को दिया गया तो इससे ऐसे संकेत सामने आए हैं जिससे यह पता चला है कि कोरोना का ‘इलाज’ मिल गया है।
कोरोना वायरस का ट्रीटमेंट
वैक्‍सीन बनाने में लगेंगे 18 महीने :-
दरअसल, पूरी दुनिया में कोरोना की महामारी बढ़ने के साथ ही इसके वैक्‍सीन के लिए प्रयास तेज हो गए हैं लेकिन माना जा रहा है कि कोरोना की वैक्‍सीन आने में कम से कम 18 महीने लग सकते हैं। दुनियाभर में कोरोना का टीका बनाने के लिए प्रयास चल रहे हैं। चीन में एक टीका बनाया गया है जिसका इंसानों पर परीक्षण शुरू हो गया है।
1.) सोशल मीडिया पर एक किताब की तस्वीर खूब वायरल हो रही है किताब का हवाला देते हुए दावा किया जा रहा है कि अभी फ़ैल रहे कोरोना वायरस की दवा मिल गई है किताब में कोरोना वायरस के उपचार के लिए कुछ दवाइयों जैसे एस्प्रिन, एंटीहिस्टेमीन को लाभप्रद बताया गया है |
2.) इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है इस किताब में जिस कोरोना वायरस की बात कही गई है, वो एक फैमिली का नाम है जिसके अंदर कई वायरस आते हैं अभी फैल रहे वायरस का नाम नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) है जो कोरोना वायरस फैमिली का ही हिस्सा है अभी तक नोवल कोरोना वायरस की कोई दवा नहीं बनी है |
3.) किताब में जिन दवाइयों का जिक्र किया गया है, वो साधारण जुकाम के लिए लाभप्रद हो सकता है, लेकिन अभी तक इस बात का प्रमाण नहीं है कि इससे नोवल कोरोना वायरस को भी ठीक किया जा सकता है साइंस मीडिया सेंटर की एक रिपोर्ट के मुतबिक COVID-19 से पहले कोरोना वायरस फैमिली में छह वायरस थे जो साधारण खांसी-जुकाम होने का कारण होते हैं ये वायरस जानवरों में भी बीमारी फैला सकते हैं |

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