Kya khana Chihiye

चिकनगुनिया के रोगी को क्या खाना चाहिए

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चिकनगुनिया में क्या खाना चाहिए Chikungunya Me Kya Khana Chahiye चिकनगुनिया में क्या नहीं खाना चाहिए Chikungunya Mein Kya Khana Chahie Chikungunya Me Kya Khaye Chikungunya Mein Kya Nahin Khana Chahie Appendix Me Kya Nahi Khana Chahiye Fever Me Kya Khana Chahiye

चिकनगुनिया यह एक मच्छरों से जनित बीमारी है। यह एक प्रकार की संक्रमित बीमारी है ।संक्रमित व्यक्ति से  स्वस्थ्य व्यक्ति में  यह बीमारी का  पलायन होता है  जिसके चलते स्वस्थ व्यक्ति इस बीमारी की गिरफ्त में आ जाता है।ऐसी स्थिति में सावधानी बेहद ही आवश्यक है। प्रारंभिक लक्षणों में रोगी को बुखार आता है । यह सामान्य बुखारो की अपेक्षा लंबे दिनों तक टिका रहता है ।शुरुआत घीमी गति से होती परंतु लापरवाही करने पर यह गंभीर रूप धारण कर लेता है ।इसका शरीर पर कुछ विपरीत प्रभाव पड़ता है, जैसे कि व्यक्ति को खुजली होती है, और साथ ही त्वचा पर रैशेज पड़ जाते हैं ।इसके साथ ही जोड़ों का दर्द भी रोगी को अपनी गिरफ्त में ले लेता है। इतना ही नहीं शरीर के अन्य भागों पर भी इसका प्रभाव पड़ता है ।इससे बचने के लिए दवा के साथ -साथ सही दिनचर्या खानपान एवं अपनी दिनचर्या में व्यायाम को भी शामिल कर लेना चाहिए। तभी इस बीमारी से निजात पाया जा सकता है। चिकनगुनिया के रोगी को क्या खाना चाहिए , Diet Plan for Chikungunya , चिकनगुनिया बुखार , चिकनगुनिया में आहार , चिकनगुनिया में क्या खाएं , Diet for Chikungunya , Symptoms of Chikungunya , Chikungunya Fever in Hindi ,

चिकनगुनिया के रोगी को क्या खाना चाहिए:- 

1)चिकनगुनिया से पीड़ित व्यक्ति को संतुलित भोजन करना  चाहिए साथ ही मांसाहार से दूरी बना लेना चाहिए।

2)चिकनगुनिया से पीड़ित रोगी को संक्रमित वायरस शरीर  से निकालने के लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए जैसे पानी ,नारियल पानी ,पपीता का रस आदि

3)चिकनगुनिया से पीड़ित रोगी को उन्हीं सब्जियों का चुनाव करना चाहिए, जिसमें विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है ।यह रोगी को की पाचन शक्ति में सहायक सिद्ध होता है।

4)चिकनगुनिया से ग्रसित व्यक्ति को ओमेगा 3 एवं फैटी एसिड का सेवन प्रारंभ कर दें।यह हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है ,एवं मांसपेशियों कर निर्माण करने एवं जोड़ों से संबंधी समस्या को ठीक करता है।

5)फलों में चिकनगुनिया के रोगी को नारंगी एवं तरबूज स फल का सेवन कतई नहीं करना  चाहिए ।उसके स्थान पर केला एवं सेब रोगी के लिए नितांत हितकारी होता है।

6)चिकनगुनिया के रोगी को सब्जियों के सूप बनाकर पीना चाहिए, यह रोगी को अति शीघ्र स्वस्थ करने में काफी मदद करता है।

7)हरी सब्जी चिकनगुनिया के रोगी के लिए बहुत ही हितकारी है हरी पत्तेदार सब्जियों में   रोग  प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। रोगी  भोजन पचाने में पाचन तंत्र में कोई जटिलता उत्पन्न नहीं होती।

8)चिकनगुनिया के रोगी को आहार में दाल का सेवन अवश्य रूप से करना चाहिए ,क्योंकि दाल में प्रोटीन पाए जाते हैं। जिसकी रोगी को अति आवश्यकता होती है।

9)चिकनगुनिया से ग्रस्त व्यक्ति को डेयरी उत्पाद में विशेषकर बकरी का दूध पीना चाहिए। डेयरी उत्पाद में पेय एवं खाद्य पदार्थ में सेलेनियम होता है ।यह शरीर के लिए लाभकारी है। डेरी के उत्पादों के सेवन से व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म सुदृढ़ होता है जिससे पाचन तंत्र सुचारू रूप से कार्य करता है ।सेलेनियम शरीर में जाने से विषाक्त खनिज पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने का कार्य करता है।

10)चिकनगुनिया से पीड़ित रोगी को सर्वाधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए ।ऐसा करने से हानिकारक पदार्थ या जीवाणु शरीर में मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं।

11)सूखे मेवों में विटामिन ई पाया जाता है ।जो चिकनगुनिया के रोगी के लिए बेहद आवश्यक होता है। विटामिन ई  इसलिए फायदेमंद है ।क्योंकि इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व विद्यमान होते हैं ।जो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता की अभिवृद्धि करता है।

चिकनगुनिया से पीड़ित व्यक्ति को किस प्रकार के आहार खाने से बचना चाहिए:- 

1)चिकनगुनिया के रोगी को अधिक तेल मसाले वाली खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए क्योंकि इससे उसकी पाचन तंत्र पर दुष्प्रभाव पड़ता है

2)मांसाहारी भोजन से कुछ दिन रोगी को दूरी बनाए रखना चाहिए जब तक वह पूरी तरीके से स्वस्थ ना हो जाए चिकुनगुनिया बीमारी व्यक्ति के संपूर्ण शरीर को प्रभावित करती है अप्रत्यक्ष रूप से इसका असर पाचन तंत्र पर भी होता है ।मांसाहार पाचन तंत्र में जटिलता बंद कर देता है

3)चिकनगुनिया बाजार के भोजन को पूर्ण रूप से त्याग देना चाहिए। क्योंकि भोजन  बनाते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान नहीं दिया जाता ।साथ ही स्वाद बढ़ाने हेतु तेल, मसालों का अधिक प्रयोग किया जाता है। जिससे रोगी के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

5)बुखार होने की स्थिति में रोगी को चाय और एवं कॉफी पीना छोड़ देना चाहिए ,क्योंकि या उत्तेजक द्रव्य कभी-कभी इसका शरीर प्रभाव विपरीत पड़ता है।

6)शराब धूम्रपान एवं तंबाकू की लत को छोड़ देनी चाहिए ,क्योंकि स्वास्थ पर यह विपरीत प्रभाव डालते हैं ।यदि रोगी इसका त्याग  नहीं करता है। तो आगे चलकर सामान्य रूप एक बड़ी व्याधि बन जाएगा।

 

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