एचआईवी क्या है ? जानिए इसके बारें मे विस्तार से।

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एचआईवी क्या है : दोस्तों एचआईबीपी एक प्रकार का बहुत खतरनाक वायरस है, और इस बीमारी के बारे में आज हम आपको विस्तार से बताएंगे। इसलिए इस आर्टिकल को वहां तक जरूर पढ़े।

एचआईवी क्या है ?

यह एचआईवी एक प्रकार का वायरस यदि इसका इलाज से लापरवाही कि गई  तो  आगे चलकर यह  एड्स बनने का कारण  का होता है ।मानव शरीर को विभिन्न रोगों से बचाने के लिए हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होना चाहिए ।यह रोगों से लड़ने में सहायक है । यह एक कवच की भांति कार्य करता है।  मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता विभिन्न तरह की बीमारियों को शिकस्त देने में कारगर है। एचआईवी वायरस हमारे इम्यून सिस्टम पर आक्रमण करके उसे कमजोर बना देता है। श्वेत रक्त कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त कर देता है। ऐसे में यदि लंबे समय तक बिना इलाज के व्यक्ति रहता है तो यह पूर्ण रूप से श्वेत रक्त कोशिकाओं को अपने गिरफ्त में ले लेता है यह वायरस लाखों की संख्या में इनका इजाफा होता है जिसके परिणामस्वरुप शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाएं मूल रूप से नष्ट हो जाती हैं ,जिससे कि व्यक्ति की रोग लड़ने  की क्षमता समाप्त हो जाती है । एचआईवी आगे चलकर एड्स के रूप में उभर कर आता है ।जो कि रोगी के लिए प्राणघातक सिद्ध होती है।

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एचआईवी होने के लक्षण

प्रायः देखा गया है ,कि लोगों को यह इसका अंदाजा भी नहीं होता कि वह एड्स की गिरफ्त में आ चुके हैं। इसके पीछे कारण यह है कि बीमारी के प्रारंभ में  कोई विशेष परेशानी नहीं होती प्रारंभ में सामान्य लक्षणों के साथ यह दस्तक देती है ।दो सप्ताह के अंदर ही एचआईवी की स्पष्ट रूप से पुष्टि हो पाती है। 

एचआईवी के लक्षण इस प्रकार है।

1.एचआईवी के रोगी को प्रारंभिक रूप में बुखार आता है,रोगी की ग्रंथियों में सूजन उभर आती है

2.एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति के गले में खराश की शिकायत लंबे समय से बनी रहती है।

3.अक्सर देखा गया है ,कि रात में रोगी को पसीना सामान्य की अपेक्षा  अधिक आता है।

4.रोगी की मांसपेशियों में निरंतर दर्द बना रहता है।

5.सिर दर्द के साथ ही मरीज को अत्यधिक थकान महसूस होती है।

6.त्वचा पर चकत्ते सामान्य तौर पर उभर कर आते हैं।

एचआईवी से कैसे करें बचाव

1.यौन संबंध के दौरान व्यक्ति को सुरक्षित रूप से संभोग करना चाहिए, कंडोम का अवश्य रूप से उपयोग करें।

2.कभी-कभी एक व्यक्ति में इंजेक्ट हो चुके, सुई को दूसरे मरीज में इंजेक्ट कर दिया जाता है। ऐसा कतई न करें क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

3.व्यक्ति को अपना रेजर ब्लैड किसी अन्य के साथ शेयर नहीं करना चाहिए।

4.रक्त को छुड़वाने की स्थिति में सर्वप्रथम रक्त की जांच कराएं इसके बाद ही रक्त को करवाएं।

 

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