Fruits

हकलबेरी फल खाने के फायदे और इसके सेवन का उचित समय

हकलबेरी फल के फायदे
हकलबेरी फल : दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल में हकलबेरी पाल के बारे में विस्तार से बताएंगे इसलिए इस आर्टिकल को आज तक जरूर पढ़ें

हकलबेरी फल खाने के फायदे और इसके सेवन का उचित समय

 यह हकलबेरी एक प्रकार का शीतोष्ण पादप है। जिसका उपयोग कई प्रकार के रोगों के निदान के लिए किया जाता है। हकलबेरी के पौधे के कई भाग जैसे:- पत्तियां और फल शरीर के लिए काफी महत्वपूर्ण है। हकलबेरी पादप विश्व के कई देशों में पाया जाता है। यह पादप जिस के अलग-अलग भाग अलग-अलग औषधि उपचारों के लिए उपयोग किए जाते हैं। आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से हकलबेरी पादप के फायदे और हकलबेरी की खेती, हकलबेरी में उपस्थित पोषक तत्व, इन सभी के बारे में बात करेंगे।

हकलबेरी की खेती

इस हकलबेरी की खेती मुख्यतः यूरोप और पश्चिमी एशिया में होती है। यह पौधा अब अमेरिका ऑस्ट्रेलिया मलेशिया और इंडोनेशिया में भी फैल चुका है। हकलबेरी का दूसरा नाम रांटी भी है। इसे अलग अलग देशों में अलग अलग नाम से जाना जाता है। जैसे यूरोप में इसे ब्लैक लाइट शेड के नाम से जाना जाता है। इस पौधे की ऊंचाई 7 सेंटीमीटर से 10 सेंटीमीटर के बीच होती है। हकलबेरी फल का व्यास करीब 1 सेंटीमीटर होता है।

हकलबेरी में पोषक तत्व

यह हकलबेरी फल बहुत छोटा होता है। लेकिन इस फल में बहुत सारे उच्च पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। यह पोषक तत्व मानव शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ही उपयोगी है। हकलबेरी के फायदे बहुत सारे हैं। जो शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ कई रोगों के निदान के लिए भी महत्वपूर्ण है। हकलबेरी में कैल्शियम सोलासोडिन, समक, सैपोनिन, एंट्रोपिन, डायोसजेनिन, टिटोजेन, बुश ऑयल इत्यादि पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा हकलबेरी फल में उच्च कैलोरी, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, विटामिन इत्यादि पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है।

हकलबेरी के फायदे

1. हकलबेरी के सेवन से एंटी फ्लेम एंट्री के रूप में शरीर को बहुत सहायता मिलती है। हकलबेरी के सेवन से सूजन को कम करने में मदद मिलती है और इसका उपयोग करके आप गुर्दे की सूजन को आसानी से कम कर सकते हैं।
2. इस फल का उपयोग करके आप हर प्रकार के दर्द को कम कर सकते हैं। इसके अलावा हकलबेरी फल के सेवन से चक्कर आना जैसी समस्या का समाधान होता है।
3. बुखार आने जैसी स्थिति में भी आप हकलबेरी फल का सेवन करके बुखार से राहत प्राप्त कर सकते हैं।
4.  इस फल का उपयोग करके आप मूत्र पथ विकार जैसी बीमारी से छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं। कम उम्र में कई बार लिंग के संक्रमित हो जाने की वजह से यह विकार उत्पन्न हो जाता है। लेकिन हकलबेरी का उपयोग करने से इस बीमारी से छुटकारा मिल सकता है।

5.

इस फल का उपयोग इंडोनेशिया में सब्जी के तौर पर किया जाता है। इस फल का सेवन करने से स्वसन संबंधित बीमारियों से राहत मिलती है। इसके अलावा खांसी को कम करने में भी हकलबेरी फल मददगार है।

6. हकलबेरी के निरंतर सेवन से उच्च रक्तचाप का खतरा कम हो जाता है। यह फल रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मददगार है।
7.  हकलबेरी के नियमित रूप से सेवन करने से यकृत में कई प्रकार के सुधार होते हैं। यकृत में उपस्थित विषाक्त पदार्थों को बेअसर करने की शक्ति इस फल में पाई जाती है।
8. हकलबेरी के चरणों और वायरस को मारकर शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने में बहुत ही मददगार फल साबित हुआ है। हकलबेरी के निरंतर सेवन से गो गोरिया के इलाज में भी सहायता मिलती है।
9. इस फल की निरंतर सेवन से त्वचा संबंधित कई प्रकार की बीमारियां जैसे:- दाद, फंगल इंफेक्शन, चिकन पॉक्स का इलाज संभव है।
10. हकलबेरी में अत्यधिक मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। जो हड्डियों के निर्माण में सहायक है। साथ ही ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी से छुटकारा दिलाने में मददगार है।

हकलबेरी के खाने का उचित समय

यह हर किसी फल के खाने का एक उचित समय निश्चित होता है। निश्चित समय पर कुछ फल का सेवन करने पर शरीर के लिए बेहद फायदा साबित होता है। इसी तरह से हकलबेरी फल का सेवन सुबह नाश्ते के साथ करना उचित माना जाता है। सुबह नाश्ते के साथ इस फल का सेवन करने के अलावा दिन के खाने में भी इस फल का सेवन कर सकते हैं। लेकिन इस बात का अवश्य ध्यान रखें, कि इस फल का सेवन शाम के खाने में या शाम खाने के बाद ना करें। ऐसा करने पर आपके शरीर की पाचन शक्ति कमजोर हो सकती है और पाचन तंत्र असंतुलित हो सकता है।

Get 90% OFF On All 1 Year Hosting Plan Buy Now
लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्सक्राइब करें Subscribe Now
अब आप  फॉलो को Google News App पर Follow Now
कैसा लगा हमारा ये आलेख, अगर आपको अच्छा लगे तो अपने दोस्तों के साथ इस पोस्ट को शेयर जरूर करें

Leave a Comment

You cannot copy content of this page