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introduction  Of Computer : कंप्यूटर का परिचय 

introduction  Of Computer : कंप्यूटर का परिचय 

introduction  Of Computer : दोस्तों आज के इस आर्टिकल मेंं हम आपको कंप्यूटर का इंट्रोडक्शन के बारे मेंं जानकारी इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें

दोस्तों आपको कंप्यूटर के बारे में तो पता ही होगा। आजकल ऐसा कोई भी व्यक्ति नही होगा जिसको कंप्यूटर के बारे में पता न हो। तो आज के इस आर्टिकल में मैं Computer क्या होता है? और इसका फुल फॉर्म क्या होता है? इन सभी प्रशनों के उत्तर आपको इस आर्टिकल में पढने को मिल जायेंगे।

आजकल सब जगह चाहे वो सरकारी आफिस या प्राइवेट आफिस हो या अन्य कोई जगह सभी जगह अब ऑनलाइन माध्यम से ही कार्य किये जाते है। और इसके लिए कंप्यूटर प्रत्येक आफिस आदि में लगे हुए है। आइये जानते है की आखिर कंप्यूटर क्या है?

 

introduction  Of Computer : कंप्यूटर का परिचय

 

Computer शब्द का अविष्कार अंग्रेजी भाषा के शब्द Compute से हुआ है। इसका हिंदी में अर्थ गणना होता है। इसको बनाने का मुख्य उद्देश्य किसी चीज के बारे में जल्दी से गणना कर सके। इसी कारण इसको लोग गणना या संगणक भी कहते हैं। कंप्यूटर का आविष्कार सिर्फ कैलकुलेशन करने के लिए किया गया था। लेकिन आजकल कंप्यूटर का प्रयोग, Video,E-Mail, Play Game, Preparation, Online Work, Viewing Audio, Video Editing , Software Makeing के साथ और भी कामो में इसका उपयोग किया जाता है। बैंकों में , कॉलेजो में ,सरकारी आफिस, प्राइवेट ऑफिस, माल, दुकानों और घरों इत्यादि में कंप्यूटर का अधिक प्रयोग होने लगा है।

दोस्तों आपके मन मे एक सवाल उत्त्पन्न होगा की यह सारा कार्य अपने ही आप करता है। तो ऐसा बिल्कुल नही है। जो काम हम कंप्यूटर से करवाते है। वही ही सिर्फ करता है। यह सिर्फ उन्हीं बातों को मानता है। जो पहले से कंप्यूटर के अंदर पड़ी हुई होती है। ऐसा नही है। किसी भी कार्य को करने के लिए इसमें प्रोग्राम आदि को अपलोड किया जाता है। जिसकी सहायता से यह वर्क करता है।

 

कंप्यूटर को चलाने वाले व्यक्ति को यूजर कहते है। अब जो व्यक्ति कंप्यूटर के लिए प्रोग्राम बनाता है। उसको प्रोग्रामर कहा जाता है।

 

Computer में कौन कौन से सॉफ्टवेयर होते है।

 

कंप्यूटर को चलाने के लिए आपको सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर नामक दो सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ती है। यह दोनों एक दूसरे के पूरक है। यानी की एक के न होने से दूसरा सॉफ्टवेयर कार्य नही कर सकता है। इसका मतलब की सॉफ्टवेयर से काम कराने के लिए हार्डवेयर को कमांड दी जाती है।

 

हार्डवेयर को कैसे काम करना है। यह सारी जानकारी सॉफ्टवेयर के अंदर पहले ही डाल दी जाती है। जो सॉफ्टवेयर बताता है। हार्डवेयर वही काम करता है। कंप्यूटर के सीपीयू में कई हार्डवेयर जुड़े होते है। जो इन सब के बीच सही से तालमेल बनाने से ही कंप्यूटर चलता है।

 

Computer के जनक कौन है

 

कंप्यूटर के निर्माणकर्ता चार्ल्स बैबेज है। इनका जन्म लंदन में हुआ था। आपको पता ही की वहां की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है। तो अंग्रेजी का कोई शब्द क्यों नहीं लिया गया है। क्योंकि अंग्रेजी भाषा ग्रीक भाषा और लैटिन भाषा पर आधारित है। इस लिए कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति के लिए लैटिन भाषा का शब्द कंप्यूट (Compute) का इस्तेमाल करना पड़ा था।

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कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या होता है

computer का फुल फॉर्म (Computer)

 

C- आमतौर पर

O- संचालित

M- मशीन

P- विशेष रूप से

U- प्रयुक्त

T- तकनीकी

E- शैक्षणिक

R- अनुसंधान

 

यह फुल फॉर्म होता है। यह एक ऐसी मशीन होती है। जिसका प्रयोग हम लोग आमतौर पर शैक्षणिक और अनुसंधान के प्रयोग करने के लिया किया जाता है।

 

अंग्रेजी में Computer का फुल फॉर्म

 

C- Commonly

O- Opreted

M- Machine

P- Particularly

U- Used

T- Technical

E- Education

R-Reseach

 

कंप्यूटर के पार्ट्स

 

कंप्यूटर में काफी पार्ट्स होते है। जो की निम्न है

 

  • मदर बोर्ड
  • मेमोरी
  • मॉनिटर
  • प्रोसेसर
  • साउंड कार्ड
  • हार्ड डिस्क
  • की-बोर्ड-माउस
  • मॉडेम
  • यूपीएस
  • सीपीयू
  • साउंड

 

कंप्यूटर को दो भागों में विभक्त किया गया है।

 

1. सॉफ्टवेयर

 

2. हार्डवेयर

 

सॉफ्टवेयर

 

यह कंप्यूटर का वह पार्ट होता है। जिसको हम लोग सिर्फ देख सकते है। और उस पर काम भी कर सकते है। कंप्यूटर का कार्य आसान करने के लिए सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया था। आजकल मार्किट में बहुत से कंपनियां है। जो प्रतिदिन नए नए सॉफ्टवेयर को जरूरत के हिसाब से बनाती रहती है।

 

आपको कुछ सॉफ्टवेयर इसमें फ्री मिल जायेंगे। लेकिन कुछ के लिए आपको चार्ज देना होगा। उदाहरण के लिए आपको कंप्यूटर पर आपको फ़ोटो एडिटिंग करनी है। तो इसके लिए एक सॉफ्टवेयर आता है। जिसको फोटोशॉप के नाम से जानते है। या फिर अपने कंप्यूटर में कोई मूवी या वीडियो देखना चाहते है। तो इसके लिए अलग सॉफ्टवेयर मीडिया प्लेयर का प्रयोग करना होगा।

 

हार्डवेयर

 

हार्डवेयर वह पार्ट होता है। जिसको हम लोग आसानी से छू सकते है। जैसे की माउस, LCD, सी0पी0यू, यूपीएस आदि जिनको हम अपने हाथों में उठा सकते है। वो सभी पार्ट हार्डवेयर कहलाते है। हार्डवेयर का सभी मशीनरी पार्ट को मिला कर कंप्यूटर का बाहरी सतह के निर्माण किया गया। आजकल यदि आपके कंप्यूटर में किसी सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए उसमे निर्धारित हार्डवेयर की जरूरत पड़ेगी। उस Software के अनुसार आपके कंप्यूटर में हार्डवेयर नही है। तो वह सॉफ्टवेयर नही चलेगा।

 

 कंप्यूटर हार्डवेयर क्या होता है

 

दोस्तों इसके लिए मैं आपको उदाहरण देकर समझाता हूं जैसे कि आपको कोई मल्टीमीडिया प्लेयर से अगर कोई गाना सुनना है तो इसके लिए आपको अपने कंप्यूटर में स्पीकर को कनेक्ट करना पड़ेगा यहां पर स्पीकर एक हार्डवेयर हो जाता है और जो आपका मल्टीमीडिया है वह सॉफ्टवेयर का काम करता है यानी कि हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों एक दूसरे के पूरक हैं इनके बिना कंप्यूटर को चलाना बहुत ही मुश्किल है।

 

सीधे शब्दों में कहें तो कंप्यूटर की आत्मा सॉफ्टवेयर है और कंप्यूटर का शरीर हार्डवेयर है दोनों को एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। कंप्यूटर के सभी हर बार अपना अलग-अलग कार्य करते हैं जैसे कि कई बोर्ड से सॉफ्टवेयर का काम होता है लेकिन प्रिंटर से आपका हार्डवेयर का काम होता है।

 

की-बोर्ड

 

इसका प्रयोग कंप्यूटर में किसी भी चीज को टाइप करने के लिए किया जाता है। की बोर्ड की सहायता से कंप्यूटर को ऑपरेट किया जा सकता है।

 

यूपीएस

 

इसका फुल फॉर्म अनन्ट्रिप पावर सप्लाई होता है। यानी की कंप्यूटर चलाते समय अचानक बिजली चले जाने पर सिस्टम बंद न हो जाये इसलिए इसका प्रयोग किया जाता है।

Conclusion

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने आपको कंप्यूटर से जुड़ी संपूर्ण जानकारी दी है।  साथ ही कंप्यूटर के पार्ट्स कंप्यूटर के जनक और भी कई अलग-अलग प्रकार की जानकारी प्राप्त करवाई है। इसलिए हम उम्मीद करते हैं, कि आपको आज का यह आर्टिकल अवश्य पसंद आया होगा।

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