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पेट्रोल की महंगाई : 25 रूपये का पेट्रोल आते-आते 90 रूपये का कैसे हो जाता है

पेट्रोल की महंगाई : आप सभी को पता ही है, कि वर्तमान समय में पेट्रोल और डीजल के भाव कितने महंगे हो चुके हैं, और यह भाव प्रतिदिन बढ़ रहे है। लेकिन आपको यह जानना चाहिए कि आखिर पेट्रोल और डीजल के भाव कैसे बढ़ते हैं।

इसलिए दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल में विस्तार से बताएंगे, कि पेट्रोल और डीजल के दाम में कैसे बढ़ोतरी होती है।

पेट्रोल की महंगाई : 25 रूपये का पेट्रोल आते-आते 90 रूपये का कैसे हो जाता है

दोस्तों से से तो भारत में भी कई अलग-अलग स्थानों पर कच्चे तेल के हुए हैं, जिनके माध्यम से कच्चा तेल निकाला जाता है, और उस कच्चा तेल से पेट्रोलियम बनाया जाता है। लेकिन दोस्तों भारत की अाबदी के लिए वह कच्चा तेल पर्याप्त नहीं हो पाता है। इसलिए भारत सरकार भारत में पेट्रोलियम को तैयार करने के लिए विदेशों से कच्चे तेल को आयात करती है।

दोस्तों जब भारत में कच्चे तेल का आयात होता है, तब उस कच्चे तेल की कीमत मात्र ₹25 होती है, और विदेशों से भारत सरकार उस कच्चे तेल को ₹25 में आयात किया लेकिन सोचने वाली बात यह है, कि वह ₹25 वाला कच्चा तेल हमारे तक पहुंचते-पहुंचते ₹90 का कैसे हो जाता है। तो आइए जानते हैं, इसके बारे में।

रिफाइनरी में फिल्टर होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत।

दोस्तों जब से कच्चे तेल को खरीदा जाता है, तब उसकी कीमत ₹25 होती है। जैसा कि हमने आपको बताया ही है। बाद में उससे कच्चे तेल को रिफाइनरी में भेजा जाता है, और वहां पर उस तेल को फिल्टर किया जाता है। पेट्रोल और डीजल को तैयार किया जाता है। साथ ही कई अन्य प्रकार के पेट्रोलियम पदार्थ को भी बनाया जाता है।

रिफाइनरी से निकलने के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमत बहुत कम होती है, लेकिन उसके बाद जैसे-जैसे पेट्रोल-डीजल जिन जिन से गुजरता है, वैसे वैसे इनकी कीमत में बढ़ोतरी होती है।

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पेट्रोलियम कंपनियों के पास पहुंचने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत।

तो दोस्तो जैसा कि आपको बताया कि, जब यह कच्चा तेल फैक्ट्रियों से रिफाइंड होकर तैयार होता है। तब तक तो इस पेट्रोल और डीजल की कीमत कम होती है, लेकिन जब इस पेट्रोल और डीजल को पेट्रोलियम कंपनियों के पास पहुंचाया जाता है। तो उसके बाद पेट्रोलियम कंपनी अपना कमीशन ऐड कर लेती है, और पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी हो जाती है।

इतना होने के बाद जब यह पेट्रोलियम कंपनियां इस पेट्रोल को पेट्रोल पंप पर पहुंचाती है, तो पेट्रोल पंप के मालिक भी इस पेट्रोलियम के अंदर अपना कमीशन जोड़ देते हैं, और इसी कारण पेट्रोल की कीमत में और बढ़ोतरी हो जाती है। और जब पेट्रोल पंप के मालिक द्वारा पेट्रोल पंप अपना मार्जिन ऐड किया जाता है। तब कमेंट भी पेट्रोल पंप के मालिक से कुछ टैक्स वसूला जाता है, और पेट्रोल पंप का मालिक द्वारा उस टैक्स को भी पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी करके ही वसूला जाता है।

पेट्रोल पंप से आम आदमी तक पहुंचते समय पेट्रोल और डीजल की कीमत

दोस्तों जिस प्रकार जब कच्चा तेल विदेश से भारत पहुंचता है। तब उस कच्चे तेल की कीमत ₹25 होती है, लेकिन जैसे-जैसे यह पेट्रोल और डीजल अलग-अलग स्थिति से गुजरता है। वैसे-वैसे अलग-अलग कंपनियां अपना मार्जिन ऐड करके इस पेट्रोल और कीमत की रेट में बढ़ोतरी करवा देती है। और इसी प्रकार से यह ₹25 वाला पेट्रोल आम जनता तक पहुंचते पहुंचे ₹90 का हो जाता है।

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