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पिंपल्स के लक्षण , जानिए विस्तार से हिंदी में

पिंपल्स के लक्षण , जानिए विस्तार से हिंदी में

पिंपल्स के लक्षण : दोस्तों आज हम आपको पिंपल्स के लक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

पिंपल्स के लक्षण , जानिए विस्तार से हिंदी में

पिंपल्स होने  के कई कारण है। इन कारणों में से एक धूल, मिट्टी भी शामिल है। जिसके चलते चेहरों पर गंदगी जम जाती है एवं  यह  मुंहासे के रूप में उभर कर आती  हैं। अक्सर  महिलाएं चेहरे पर निखार लाने के लिए नियमित  रुप से स्क्रब करती हैं। जिससे भी पिंपल्स उभर आते हैं ।यह त्वचा को ड्राई बना देते हैं।गर्मी की ऋतु में   बहुत अधिक बाहर नहीं निकलना चाहिए, अगर निकले भी तो पूरी तैयारी के साथ बाहर निकले ,इससे भी पिंपल्स निकल आते हैं। 

पिंपल्स के लक्षण

1) प्रारंभिक स्थिति में जहां पर पिंपल्स निकलने वाले होते हैं वहां पूर्व से ही दर्द होने लगता है।

2) पेट से संबंधित व्याधियों के कारण पिंपल्स उभर आते हैं।

3) बहुत अधिक तनाव लेने, या तनाव वाले स्थान पर रहने से भी मुंहासे की समस्या से व्यक्ति  ग्रसित हो जाता है।

मुंहासे का इलाज :-

आजकल खान -पान  के साथ रहन -सहन की आदतों को देखते हुए पिंपल्स निकलना बहुत ही सामान्य बात है । परंतु पिंपल्स को लेकर व्यक्ति को तनाव नहीं लेना चाहिए। तनाव लेने के स्थान पर उसका यथासंभव इलाज करना चाहिए। इसमें कुछ कारगर तरीके इस प्रकार हैं।

1) होम्योपैथी -होम्योपैथी दवाएं इस तथ्य पर विशेष बल देती है ,कि वह समस्या को जड़ से निदान कर देगे । पिंपल्स होने पर होम्योपैथिक दवा कि कुछ लंबी प्रक्रिया होती है। परंतु या हमेशा के लिए पिंपल से मुक्ति दिला देती है।

2) ब्लू लाइट -मुहांसों को दूर करने के लिए यह नवीन तकनीकी  है ।इसके अंतर्गत लाल मुंहासे या उभर हुए  मुंहासे का इलाज ब्लूलाइट के माध्यम से किया जाता है  ।चेहरे पर मुंहासे उभरने के लिए प्रीपेयोनिबैक्टीरियम नामक बैक्टीरिया ही कारण माना गया है। विशेष बात यह है ,कि यह बैक्टीरिया नीली रोशनी के प्रकाश के संपर्क में आते ही  स्वतःनष्ट हो जाता है।

3) लेजर -यह भी एक आधुनिक पद्धति है, इसके अंतर्गत मुहांसों में बैक्टीरिया को समाप्त  के लिए स्पंदित लेजर किरणों का अनुप्रयोग किया जाता है ।यह मुहांसे से तो वर्तमान में निजात मिल जाती है साथ ही भविष्य में व्यक्ति मुहांसों से संबंधी व्याधियों के गिरफ्त में नहीं आ सकता ।

4) हर्बल -यह बहुत ही सस्ता और कारगर उपाय है इसका त्वचा पर कोई बुरा प्रभाव देखने को नहीं मिलता। उपच

 घरेलू उपचार  के लिए आप आसपास की सामग्री को एकत्रित करके  स्वतः इलाज किया जा सकता है।

 मुंहासे से बचने के लिए उपाय एवं रोकथाम

1) मुहांसे से छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति को निर्धारित समय पर सोना अति आवश्यक है ,क्योंकि उस दौरान हमारा शरीर की मरम्मत होती है ।यदि व्यक्ति कम से कम नींद लेता है ,तो उसका मानसिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, जिसके फलस्वरूप व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म पर दुष्प्रभाव पड़ता है। और  पिंपल्स की समस्या उभर आती है ।

2) व्यायाम द्वारा असाध्य बीमारियों को खत्म करने में भी सहारा लिया जाता है ।ऐसे में सामान्य बीमारियों का भी व्यायाम के माध्यम से ठीक किया जा सकता है । व्यायाम करने से पिंपल्स की समस्या का खात्मा हो जाता है । व्यायाम के दौरान पसीने के माध्यम  अनावश्यक पदार्थ स्रावित होता है। 

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पिंपल्स को ठीक करने के लिए कुछ घरेलू उपाय

1) टूथपेस्ट -टूथपेस्ट का प्रयोग सिर्फ दांतो को चमक लाने के लिए नहीं, बल्कि  पिंपल्स में भी यह काफी असरदार है। सफेद टूथपेस्ट में पिंपल्स के बैक्टीरिया को मात देने के लिए गुण होते हैं।

2) बर्फ- पिंपल्स के प्रारंभ से ही, यदि चेहरे पर प्रभावी हिस्सों में बर्फ को रगड़ दिया जाए ,तो इससे सूजन कम हो जाती है, और पहले की अपेक्षा पिंपल्स के उभार  में भी कमी आती है।

3) एलोवेरा -एलोवेरा विभिन्न प्रकार की व्याधियों से निजात दिलाने में सहायक है ।एलोवेरा को तोड़कर  उसके अंदर का जो द्रव्य प्राप्त होगा ।उसे मुंहासे में लगाने से आराम मिलता है।

4) लहसुन -लहसुन मुहांसों को खत्म करने में अधिक सहायक है। लहसुन में बैक्टीरिया को नष्ट करने की का गुण  होता है।

5) शहद -पिंपल्स में मौजूद बैक्टीरिया के खात्मे के लिए शहद बेहद असरदार है ।शहद में हाइड्रेटिंग गुण विद्यमान होते हैं।

6) ट्री ऑयल- ट्री आयल  यह पूर्ण रूप से प्राकृतिक उपाय है  । ट्री ऑयल को मुंहासे पर लगाकर, आप इससे छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं।

7) संतरा का छिलका- संतरे के छिलके में अम्ल पाया जाता है ।जो पिंपल्स को हटाने में काफी कारगर सिद्ध होता है।

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