Bimari Health News

टाइफाइड बुखार के लक्षण, कारण और रोकथाम

Join Telegram Channel Now
टाइफाइड
Written by Knowledge Tour

टाइफाइड कैसे होता है , बुखार के लक्षण, कारण और रोकथाम , Typhoid Kaise Hota Hai , टाइफाइड कितने दिन में ठीक होता है , टाइफाइड कमजोरी , टाइफाइड में नहाना चाहिए कि नहीं , टाइफाइड के बाद कमजोरी , टाइफाइड के बाद सावधानी

टाइफाइड कैसे होता है –टाइफाइड सामान्य तौर पर दूषित जल एवं दूषित भोजन ग्रहण करने से व्यक्ति के शरीर में बैक्टीरिया प्रवेश कर जाता है । प्रायः देखा गया है कि यह  गंभीर रूप से पीड़ित व्यक्ति के मल के द्वारा आसपास के पानी की आपूर्ति को किसी न किसी तरह से दूषित कर देते हैं ,क्योंकि इसमें बैक्टीरिया विद्यमान होते हैं ।विडंबना यह है ,कि बैक्टीरिया पानी या शुष्क स्थान में कई हफ्तों तक  जीवित रह सकता है ।टाइफाइड को मियादी  बुखार के नाम से भी जाना जाता है ।यह ऋतु परिवर्तन की स्थिति में भी व्यक्ति को इस बुखार के चपेट में आने की संभावना होती है ।यह एक प्रकार के बैक्टीरिया द्वारा फैलता है। इस बैक्टीरिया का नाम साल्मोनेला टाइफी है।यह सर्वप्रथम व्यक्ति की आंतों में फैलता है, फिर यह धीमी गति से रक्त के द्वारा शरीर के सभी अंगो को प्रभावित कर देता है  ।टाइफाइड की प्रारंभिक अवधि 1 से 2 सप्ताह एवं यह बीमारी 3 से 4 सप्ताह तक रहती है ।यदि कोई व्यक्ति इस बैक्टीरिया से संक्रमित है, ऐसी स्थिति में वह अन्य व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है ।अतः सावधानी की नितांत आवश्यकता होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों की ओर की माने तो विश्व स्तर पर प्रतिवर्ष 1 से 2 करोड़ लोग टाइफाइड के चपेट में आते हैं जिसमें से 13 लाख  या इससे अधिक लोगों की मृत्यु लापरवाही या  सही समय पर इलाज ना होने की स्थिति के कारण होती है।

टाइफाइड मूलभूत कारण जिससे इंफेक्शन फैलता है:- 

1)अस्वच्छ शौचालय का उपयोग में लाना एवं बिना हाथों को ठीक ढंग से हुए चेहरे को स्पर्श करना।

2)दूषित जल में जलीय जीव को आहार में लेना।

3)संक्रमित व्यक्ति के अपशिष्ट में उपजी  कच्ची सब्जियों को पका कर खाने से ,यह संक्रमण होने का खतरा रहता है।

4)दूध फैक्ट्रियों में दूध कई दिनों तक रखा होता है। जिससे कि इसमें बैक्टीरिया जन्म लेते हैं ,इसका  सेवन  व्यक्ति को संक्रमित कर देता है।

5)यह बैक्टीरिया व्यक्ति को सिर्फ खाद्य एवं पेय पदार्थों द्वारा ही नहीं संक्रमित करता, बल्कि यौन संबंध से भी यह संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है ,अधिकतर ओरल एवं एनल सेक्स में संक्रमण  के आसार और भी अधिक बढ़ जाते हैं।

6)व्यक्ति को थोड़ी दूरी बना कर रखना चाहिए, संक्रमित व्यक्ति से अन्यथा स्वस्थ व्यक्ति भी टाइफाइड का शिकार हो जाएगा।

7)सड़क पर खाद्य पदार्थों को खाने से बचना चाहिए।

टाइफाइड बीमारी के लक्षण:- 

1)शुरुआती लक्षण  में व्यक्ति को सिर दर्द की शिकायत होती।

2)व्यक्ति को 104 डिग्री का बुखार होता है।

3)बदन में दर्द के साथ-साथ जी मिचलाना।

4)पहले की अपेक्षा व्यक्ति की भूख में कमी आना।

5)रोगी को दस्त एवं कब्ज की शिकायत होती है।

6)पेट में दर्द एवं कफ की भी परेशानी रोगी को झेलनी पड़ती है।

टाइफाइड बीमारी से बचने के उपाय:- 

1)टाइफाइड होने की स्थिति में मुख्य  रूप से व्यक्ति को अपने रक्त , मल एवं मूत्र के नमूने की जांच सर्वप्रथम करानी चाहिए।

2)आधुनिक समय में टाइफाइड से बचने के लिए दो प्रकार के टीकाकरण उपलब्ध है ,टीकाकरण से पूर्व व्यक्ति को टीकाकरण की संपूर्ण पाठ्यक्रम की जानकारी डॉक्टर से मिली लेनी चाहिए।

3)व्यक्ति को उबला हुआ ,जल पीना चाहिए या बोतलबंद स्वच्छ पानी पीना चाहिए,क्योंकि जल का विशेष महत्व रोगी के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए।

4)टाइफाइड रोगी को अपने आसपास की स्वच्छता का विशेष रुप से ध्यान देना चाहिए।

5)सामान्य तौर पर भी व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत सफाई पर ध्यान देना चाहिए एवं टाइफाइड की पुष्टि होने होने पर  व्यक्ति को शारीरिक सफाई का पैमाना दुगना देना चाहिए।

6)अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें।

8) मक्खियों तथा अन्य छोटे कीटाणु से बचने के लिए कीटनाशक का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि खाद्य पदार्थों पर मक्खियां बैठकर संक्रमण फैलाती है।

 

Important Link 
Join Our Telegram Channel 
Follow Google News
PhonePe App Download : जाने इस आसान तरीके से आप कमा सकते है हर दिन 300 रुपये

Leave a Comment