LIC Sarkari Yojana

एलआईसी न्यू जीवन आनंद पॉलिसी 2021

एलआईसी न्यू जीवन आनंद पॉलिसी 2020

भारतीय जीवन बीमा निगम के कई बेहतरीन प्लान लांच किए गए हैं। इनमें से एक प्लान न्यू जीवन आनंद पॉलिसी भी शामिल है। इस पॉलिसी का टेबल नंबर 915 हैं। इस पॉलिसी का एक श्लोक काफी लोकप्रिय है। “जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी” मतलब यह है, कि इस पॉलिसी के दो तरीके के फायदे हैं। आदमी की जिंदगी के साथ भी पॉलिसी परिपक्वता पर उसे परिपक्वता हित लाभ मिलेगा और उसकी मृत्यु होने के पश्चात भी उत्तराधिकारी को बीमित व्यक्ति के मृत्यु का लाभ मिलेगा। आज हम इस आर्टिकल में एलआईसी के इस न्यू जीवन आनंद प्लान  , न्यू जीवन आनंद पॉलिसी 815 , जीवन आनंद पॉलिसी 149 , न्यू जीवन आनंद 815 Calculator , जीवन आनंद बीमा पर लोन , Lic जीवन आनंद प्रीमियम कैलकुलेटर , New Jeevan Anand (Plan-815) , Lic Jeevan Anand Plan 2021 , Lic Plan 915 Jeevan Anand , Lic Jeevan Anand 915 in Hindi , Lic Table No 915 , Lic New Policy 2021 के बारे में बात करेंगे।

एलआईसी न्यू जीवन आनंद पॉलिसी:-  एलआईसी द्वारा इस  जीवन आनंद पॉलिसी को 9 अक्टूबर 2021 को लांच किया गया। जब यह प्लान लॉन्च हुआ था। तब एलआईसी द्वारा इसका टेबल नंबर 815 निर्धारित किया गया। लेकिन फरवरी 2021 के पश्चात सभी प्लान में कुछ बदलाव किए गए। उसके बाद इस जीवन आनंद प्लान का नाम न्यू जीवन आनंद प्लान रखा।  इसका टेबल नंबर 814 से 914 कर दिया गया। यह एक बंदोबस्ती बीमा और आज जीवन बीमा का मिश्रण है। इसीलिए इस प्लान को “जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी” के नाम से जाना जाता है।  इस पॉलिसी के अंतर्गत व्यक्ति को परिपक्वता लाभ मिलने के बाद भी मृत्यु पर वित्तीय सुरक्षा का लाभ प्राप्त होता है। पॉलिसी खरीदते वक्त पॉलिसी धारक अपने अनुसार पॉलिसी अवधि का चुनाव करता है। पॉलिसी धारक की उम्र और चुनी गई अवधि के आधार पर ही प्रीमियम तय होता है।
एलआईसी न्यू जीवन आनंद प्लान के लिए योग्यता:- 
1. एलआईसी का न्यू जीवन आनंद प्लान लेने के लिए पॉलिसी धारक की उम्र न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 50 वर्ष होनी चाहिए।
2. एलआईसी के इस प्लान को खरीदने के लिए आप को न्यूनतम ₹100000 का बीमा धन खरीदना होगा। इससे अधिक मतलब अधिकतम बीमा  की कोई सीमा नहीं है।
3. इस पॉलिसी के अंतर्गत पॉलिसी की अवधि न्यूनतम 15 वर्ष से अधिकतम 35 वर्ष होगी। लेकिन 50 वर्ष की उम्र वाले व्यक्ति को 35 वर्ष की पॉलिसी अवधि नहीं मिलेगी। उसे मात्र 25 वर्ष की पॉलिसी अवधि प्रदान करवाई जाएगी। क्योंकि आईआरडीए के निर्देशानुसार हर व्यक्ति की पॉलिसी की परिपक्वता तिथि उसके 75 वर्ष होने तक पूरी होनी अनिवार्य है।
एलआईसी न्यू जीवन आनंद प्लान के लाभ:-  इस प्लान के कई बेहतरीन लाभ है। इस प्लान के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति बीमा खरीदता है और वह अपनी पॉलिसी के सारे प्रीमियम भर देता है। उसके पश्चात उसको परिपक्वता लाभ मिलेगा। परिपक्वता हितलाभ के रूप में बीमित राशि के साथ-साथ रिवर्सनरी बोनस और एडिशनल बोनस प्रदान करवाया जाएगा।  परिपक्वता हित लाभ मिलने के बाद भी जितनी बीमा राशि उतना रिस्क कवर साधारण तौर पर या दुर्घटना पर पॉलिसी धारक की मृत्यु होने के बाद पॉलिसी धारक के उत्तराधिकारी को दिया जाएगा।
एलआईसी न्यू जीवन आनंद मृत्यु लाभ:- 
  बाकी पॉलिसी की तुलना में इस प्लान के अंतर्गत मृत्यु लाभ अधिक मिलता है। जब कोई पॉलिसी धारक इस प्लान को खरीदता है और पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसी धारक की मृत्यु होने की स्थिति में उत्तराधिकारी को बीमा राशि का 125% और उसके साथ ही जितने साल तक जब पॉलिसी चालू रही है उन सभी सालों का बोनस भी कैलकुलेट करके पॉलिसी धारक के नॉमिनी को दिया जाएगा। और यदि व्यक्ति की मृत्यु दुर्घटना हुई है, तो  उत्तराधिकारी को बीमा धन के समान एक राशि ओर प्रदान कराई जाएगी। लेकिन इसके लिए जब पॉलिसी पॉलिसी खरीदना है,तब उसे दुर्घटना हितलाभ राइडर लेना जरूरी है। अन्यथा इसका फायदा नहीं मिलेगा।
एलआईसी न्यू जीवन आनंद मेच्योरिटी कैलकुलेटर :-  यदि कोई व्यक्ति एलआईसी के न्यू जीवन आनंद प्लान के अंतर्गत एक लाख का बीमा खरीदना चाहता है और उस व्यक्ति की उम्र 21 वर्ष है। वह व्यक्ति 21 वर्ष लंबी अवधि लेना चाहता है। तो उसके लिए पॉलिसी का मैच्योरिटी केलकुलेटर के कुछ इस प्रकार होगा।
–  पॉलिसी धारक को यह बीमा खरीदने के लिए  हर साल ₹5548 जमा करने होगें।
– उसके पश्चात 21 साल तक सारे प्रीमियम भरने के बाद पॉलिसी धारक को अनुमानित परिपक्वता लाभ ₹225318 प्रदान करवाया जाएगा।
– उसके अलावा ₹100000 का लास्ट टाइम रिस्क कवर बीमा धारक का रहेगा। इस रिस्क कवर के अंतर्गत बीमित व्यक्ति की मृत्यु पॉलिसी अवधि के बाद होने पर भी ₹100000 उत्तराधिकारी को दिया जाएगा।
– इस प्लान से मिलने वाला परिपक्वता लाभ 10D के अंतर्गत इनकम टैक्स मुक्त होगा। इसके अलावा इस प्लान के जरिए आप डेढ़ लाख का वार्षिक प्रीमियम भरते हैं। तो धारा 80 सी के अंतर्गत आपके लिए यह इनकम टैक्स बचत करेगा।
– यदि कोई व्यक्ति पॉलिसी को पूरा नहीं भर पाता है और बीच में पॉलिसी को सरेंडर करवाना चाहता है। तो ऐसे में पॉलिसी धारक को भरे गए प्रीमियम का कुछ प्रतिशत काटकर बाकी की राशि उनके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। लेकिन इसके लिए न्यूनतम 2 वर्ष तक प्रीमियम भरा हुआ होना अनिवार्य है।
– यदि कोई व्यक्ति अपनी पॉलिसी पर लोन लेना चाहता है। तो ऐसे में भी व्यक्ति को न्यूनतम 2 वर्ष तक प्रीमियम भरना जरूरी है। उसके पश्चात आपके द्वारा भरे गए प्रीमियम का 90% लोन एलआईसी द्वारा प्रदान करवा दिया जाए
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