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TRP क्या है , TRP Full Form , टीआरपी का मतलब क्या होता है

TRP क्या है

दोस्तों आप अपने टीवी पर कभी ना कभी टीआरपी शब्द को तो तो अवश्य सुना ही होगा। लेकिन ज्यादातर व्यक्तियों को TRP के बारे में जानकारी नहीं होती हैं। यह भी क्या होती है, और टीआरपी किसके आधार पर तय की जाती है। इन सभी को जानने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें। हम आज आपको इस आर्टिकल में  TRP क्या है , TRP Full Form , TRP क्या होता है , TRP कैसे चेक करते है? , टॉप फुल फॉर्म इन हिंदी , Trp full form in kannada , भारतीय धारावाहिकों के TRP इस सप्ताह , Television Rating Point , TRP this week , टीआरपी का मतलब क्या होता है , के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

TRP क्या है:-   TRP और T.V. का संबंध बहुत ही गहरा होता है। जब आप टीवी देखते हैं। तब उस समय जितने भी विज्ञापन आपको दिखाए जाते हैं वह सभी TRP के आधारित होते हैं।हम आपको बता दें कि TRP की फुल फॉर्म “टेलीविजन रेटिंग पॉइंट” होता है। और टीआरपी के अनुसार ही अनुमान लगाया जाता है। कि न्यूज़ चैनल या धारावाहिक कितना प्रसिद्ध है, और इसे कितने लोग देखते हैं, और पसंद करते हैं। इन सभी का पता TRP के द्वारा लगाया जाता है।
TRP को कैसे तय किया जाता है।:-  भारत के टेलीविजन की TRP इंडियन टेलीविजन ऑडियंस मैनेजमेंट नामक एजेंसी तय करती है, और यह एजेंसी विभिन्न फ्रीक्वेंसी की जांच करके यह पता करती है। कि कौन सा चैनल किस समय पर सबसे ज्यादा देखा जाता है, और इस एजेंसी के अनुसार ही पूरे देश पर के प्रसिद्ध न्यूज़ चैनल और धारावाहिकों की टीआरपी का अनुमान लगाया जाता है।
TRP को मापने के लिए कुछ निर्धारित जगह पर ‘पीपल मीटर’ लगाया जाता है। और इसके अनुसार यह पता लगाया जाता है कि कहां पर कौन सा सीरियल देखा जा रहा है, और कितनी बार देखा जा रहा है। इस मीटर से टीवी की हर एक जानकारी मीटरिंग टीम को मिलती है, और वह रिकॉर्ड इंडियन टेलीविजन ऑडियंस मैनेजमेंट को भेज दिया जाता है।
इस मीटर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मीटरिंग टीम उन चैनल और शो की TRP तय करती हैं। जो कि जनता में लोकप्रिय है, और इसी टीआरपी के अनुसार उन शो या फिर चैनल की लोकप्रियता का पता लगता है। जो कि विज्ञापनदाताओं के लिए बहुत उपयोगी होता है।
इंडियन टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट एकमात्र इलेक्ट्रॉनिक रेटिंग एजेंसी है। यह भारत में काम करती है। TRP की गणना करने के लिए यह एजेंसी दो तरीकों का इस्तेमाल करती हैं। पहला आवंटिन की निगरानी है। जहां पर पीपल मीटर को घरो में स्थापित किए जाते हैं। और यह इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परिवार के सदस्यों द्वारा देखे जाने वाले चैनल या सीरियल का रिकॉर्ड करके एजेंसी तक पहुंचाता है।
TRP का सबसे ज्यादा महत्व इसलिए माना जाता है। क्योंकि TRP के अनुसार एक चैनल और सीरियल की कमाई तय की जाती है। जिस चैनल को लोकप्रियता कम होती हैं। उस चैनल की टीआरपी गिर जाती है। जिसके कारण एडवर्टाइजमेंट कम मिलने लगते हैं। लेकिन अगर ज्यादा टीआरपी वाले चैनल होते हैं। वहां पर सभी कंपनियां अपने एडवर्टाइजमेंट देती है। जिससे चैनल सीरियल की कमाई काफी ज्यादा होती है।

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