PM Sarkari Yojana Sarkari Yojana

जैविक खेती सरकारी योजना 2021 , pradhan mantri jaivik kheti portal

Jaivik Kheti Portal

इस आलेख में जैविक खेती पोर्टल क्या है ?,जैविक खेती पोर्टल पात्रता,कृषकों को देय सहायता,कैसे करें जैविक खेती पोर्टल योजना का पंजीकरण,जैविक खेती कैसे करें, jaivik kheti portal,jaivik kheti portal in hindi,jaivik kheti portal rajasthan,jaivik kheti portal registration,pradhan mantri jaivik kheti portal, आदि के बारे में विस्तार से बताया गया है |

जैविक खेती पोर्टल क्या है :केंद्रीय सरकार ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जैविक खेती से जुड़ा एक पोर्टल लॉन्च किया है. इस पार्टल का लक्ष्य देश के किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना है. क्योंकि हमारे देश में रासायनिक वाली खेती किसानों द्वारा काफी की जा रही है. सरकार को उम्मीद है कि इस पोर्टल की मदद से और सरकारी योजनाओं की मदद से देश में हो रही रासायनिक खेती को कम किया जाता है.

जैविक खेती पोर्टल पात्रता :-
1.)कृषक के स्‍ंवय के नाम से भूमि।
2.)कम से कम 0.4 हैक्‍टेयर भूमि आवश्‍यक। 0.4 हैक्‍टेयर से भूमि कम होने पर अनुपातिक सहायता देय।
3.)च‍यनित कृषक को तीन वर्ष तक विभिन्‍न गतिविधियों हेतु सहायता का प्रावधान।

Jaivik Kheti Portal

जैविक खेती पोर्टल योजना के तहत प्रथम वर्ष में कम्‍पोनेन्‍ट/गतिविधिवार कृषकों को देय सहायता।
क्र सं        कम्‍पोनेन्‍ट/गतिविधि                                                  कृषकों को देय सहायता
1. भूमि का जैविक परिवर्तन                                                      रूपये 1000/- प्रति एकड प्रति कृषक
2. फसल पद्धति एवं जैविक बीज हेतु सहायता                              रूपये 500/- प्रति एकड प्रति कृषक
3. परम्‍परागत जैविक आदान उत्‍पादन ईकाई की स्‍थापना               1500/- रूपये प्रति इकाई की स्‍थापना हेतु प्रति कृषक
4. ढेंचा/ सनई प्रयोग हेतु सहायता रूपये                                     1000/- प्रति एकड प्रति कृषक (प्रथम वर्ष)
5. वनस्‍पतिक काढा इकाई की स्‍थापना                                       1000/- रूपये प्रति ईकाई/एकड की दर से प्रति कृषक
6. तरल बायोफर्टिलाइजर का उपयोग                                         रूपये 500/- प्रति एकड प्रति कृषक

जैविक खेती पोर्टल योजना के तहत द्वितीय वर्ष में कम्‍पोनेन्‍ट/गतिविधिवार कृषकों को देय सहायता।
क्र सं       कम्‍पोनेन्‍ट/गतिविधि                                                   कृषकों को देय सहायता
1. भूमि का जैविक परिवर्तन                                                      रूपये 1000/- प्रति एकड प्रति कृषक
2. फसल पद्धति एवं जैविक बीज हेतु सहायता                              रूपये 500/- प्रति एकड प्रति कृषक
3. ढेंचा/ सनई प्रयोग हेतु सहायता                                              रूपये 500/- दितीय वर्ष एवं रूपये 500/- तृतीय वर्ष प्रति एकड
4. तरल बायोपेस्‍टीसाईड के उपयोग पर सहायता                          रूपये 500/- प्रति एकड प्रति वर्ष
5. नीम केक/नीम तेल पर सहायता                                             रूपये 500/- प्रति एकड प्रति वर्ष
6. जैविक उत्‍पादो पर पैकिंग, लेबलिंग एवं ब्रान्डिंग पर सहायता।      रूपये 1250/- प्रति एकड द्वितीय व रूपये 1250/- प्रति एकड तृतीय वर्ष के लिए

ये भी पढ़े :-

राजस्थान उद्योग मित्र पोर्टल योजना

कैसे करें जैविक खेती पोर्टल योजना का पंजीकरण:-
1.)आपको अपने आपको पंजीकृत करवाने के लिए सबसे पहले इस पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट http://www.jaivikkheti.in पर जाना होगा.
2.)इस वेबसाइट पर जाते ही एक होम पेज खुलेगा. इस होम पेज के शीर्ष दाहिनी ओर आपको “रजिस्टर” लिखा हुआ दिखेगा और आपको इस पर क्लिक करना होगा.
3.)क्लिक करने के बाद एक और पेज खुलेगा और इस पेज पर आपको अपने आपको रजिस्टर करवाना होगा. ये पंजीकरण कोई भी किसान या कोई भी अन्य व्यक्ति करवा सकता है. आप चाहें तो होम पेज की जगह सीधे इस http://www.jaivikkheti.in/Buyer/Buyer/RegisteredAs.aspx लिंक पर जा सकती हैं. 4.)ये लिंक पंजीकरण से जुड़ा हुआ है.
5.)अपने आपको रजिस्टर करवाने के बाद एक और पेज खुलेगा और इस पेज में आप से आपकी निजी जानकारी मांगी जाएगी और आपको ये जानकारी सही से भरनी होगी. जानकारी को सही से भरने के बाद आपको सबमिट बटन पर किल्क करना होगा. इस तरह से आपका पंजीकरण हो जाएगा|

जैविक खेती कैसे करें :-
1.)जैविक खेती करने के लिए आपको सबसे पहले दुकानों में मिलने वाली रासायनिक खाद का इस्तेमाल करना बंद करना होगा. जैविक खाद आप आसानी से गाय और भैंस के गोबर से अपने घर में बना सकते हैं. जैविक खादों का प्रयोग करने से पौधों को अच्छा पोषण मिलता है और आपकी फसल अच्छी होती हैं.
2.)गोबर से खाद बनाने के अलावा आप प्राकृतिक संसाधन की मदद से भी खाद बना सकते हैं. आप प्राकृतिक संसाधन जैसे पेड़ों के पत्ते, घर के कचारे को पुनर्नवीनीकरण करके खान बनाना सकते हैं.
3.)दुकानों में कई रासायनिक दवाई मिलती हैं, जिनका प्रयोग फसल में लगे कीड़ों को मारने के लिए किया जाता है. लेकिन ये रासायनिक काफी खतरनाक होते हैं इसलिए जितना हो सके इन रासायनिक का इस्तेनमाल करने से बचें.
4.)दुकानों से मिलने वाले रासायनिक बीजों का भी इस्तेमाल करने से बचें क्योंकि इन बीजों में कई तरह के रासायनिक का प्रयोग किया जाता है, ताकि इन बीजों से अच्छी फसल मिल सके. लेकिन ये रासायनिक बीज सेहत के लिए बिलकुल भी सही नहीं होते हैं. इसलिए कोशिश करें की आप खेती के लिए अपने ही बीजों का इस्तेमाल करें.

कहां सम्पर्क करें :-
1.)ग्राम पंचायत स्तर पर :- कृषि पर्यवेक्षक कार्यालय
2.)पंचायत समिति स्तर पर :- सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय
3.)उप जिला स्तर पर :- सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) कार्यालय
4.)जिला स्तर पर :- उप निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद कार्यालय

ये भी पढ़े :-

राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना

अन्नपूर्णा योजना क्या है 

राजश्री योजना 

जैविक खेती पोर्टल
official site

Leave a Comment

You cannot copy content of this page